सच है कि गुजरा हुआ
वक्त दुबारा नहीं आता,
फिर भी नये जमाने का
ये चलन मुझे पसंद नहीं आता....
सैकड़ों Forwarded messages and photos से बेहतर हैं दो शब्द प्यार के,आभार के अपने हाथ से लिखे हुए,बोले हुए....
सभी को धनतेरस के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ...,
25/10/19