अगर तुम पास होते तो
करम की इंतिहा करते ।
तुम्हें पलकों पे रखते हम
तुम्हें दिल में बसा लेते ।
अगर तुम रूठ जाते तो
तुम्हें कितना मनाते हम।
तुम्हारी गलतियों को भी
हंसी में हम उड़ा देते ।
अगर अपनी ही खता होती तो
खुद ही को सजा दे देते ।
मगर यह सब जभी होता
अगर तुम पास होते तो ।