।।।ईश्कसिखाऊं।।।
फुरसत में कभी मिल,तुजे अपनी दास्तान सुनाऊ
में तेरी गलतिया गिनाके के तुजको रुलाऊ।।
बेसब्री से इंतजार किया है मैने तेरा
तू आये तो इतना कसके गले लगाउ,
की तेरी मेरी धड़कन एक हो जाए
फुरसत में कभी मिल,तुजे अपनी दास्तान सुनाऊ
तुजसे गले मिलके तुजे में खुदसे मिलाऊँ
आदत सी हो गई है मुझे तेरे प्यार की
तू आ तो तुजे तेरी बेपरवाह सी आदत बताऊ
की तुजे शायद मेरी परवाह हो जाये
फुरसत में कभी मिल,तुजे अपनी दास्तान सुनाऊ
भुला हुआ प्यार याद कराके तुजे मोहब्बत सिखाऊं
तू आ एक बार फिरसे मेरी ज़िंदगी मे
तेरी सारि गलतिया माफ करके
किरण तुजे इश्क़ सिखाऊं