सजाते है रंग ए नूर आशियाँ ए चश्म
दिदार ए यार सनम ,तेरी निगाह में;
लूटा कर रह गए ,दर्द ए दिल मंजिल
महोबत में कुरबानी , तेरी निगाह में ;
बेउसुल जीए , उसुल परस्ती मैं जिंदगी
तन्हाई में बीरहाना अश्क तेरी निगाह में;
बेशक ,बेफिक्र जी रहे फरिश्ता जैसे
इक निगाहें करम बस, तेरी निगाह में;
आनंद, फकत दरिया मौज ए उल्फत,
रहेनुमाइ बरसात होती हैं,तेरी निगाह में;