बडा हसीन साथी मील गया है मुझे।
तेरे जाने के बाद।
मेरी परवाह मुझसे भी ज्यादा करता है,
किसी का मेरे आसु देखना, तक उसे गवारा नही।
ये अंधेरा हर किसी से मेरी लाज बचाता है।
अपने आगोश मे लेके,
लोगो के सवालो से मुझे मेहफूस रखता है।
मेरी बैबसी, आसु तकीये मे भीगोता है।
अगर कोई दीया लेकर पास आने की कोशीस करे तो,
उसीकी परछाई बन, उसे ही डरा देता है।
सुबह मे मरते हुए, शाम फिर लोटने का पक्का वादा करता है। ये अंधेरा, मुझे मुजीमे ही रखता है।
-रेरा