इन दिनों के हालात कुछ इस तरह के हैं,
कोई किसकी यादो को , कोई दिल मे सहेज कर बैठा हैं,
तो कोई किसीकी यादो को जलाकर राख कर चुका हैं।
अरे साहेब ये तो बात हुई कोई किसीको अपना बना रहा हैं तो कोई किसीको दफन कर चुका । ऐसे भी लोग हैं जो अभी किसीके ख्वाब देखता हैं उसकी यादो को संजोता हैं ।
बस हालतों का रुख बदलने तो दीजिये फिर ये भी………?
हेतु_✍