# Gandhigiri
बस में बैठे युवक ने केले के छिलके को बस से बाहर फेंका। वहीं बारह वर्ष के एक बालक ने उस छिलके को उठा लिया। बस वाले युवक ने बाहर निकल कर फिर एक छिलके को नीचे गिरा दिया। उस बालक ने फिर से उठाया। नवयुवक ने स्टाप पर मेरे बगल में स्थान ग्रहण करने से पूर्व उस बालक को एक केला खाने को दिया, बालक ने केले को छीलकर उस युवक के करीब फेंक दिया और खाने लगा। युवक ने क्रोध में कहा कि यहाँ क्यों फेंक रहे हो, कूड़ेदान में क्यों नहीं डालते? तभी मैं तपाक् से बोल पड़ी कि फिर आपने नीचे क्यों फेंका? सर्वप्रथम खुद को बदलिए, महाशय।