एक बार एक उदास बंदर आत्महत्या करने की सोचा , मरने के लिए जाते समय उसने सोते हुए शेर के कान खींच लिये।
शेर उठा और गुस्से से दहाड़ा-
“किसने किया ये? किसने अपनी मौत बुलायी है?”
बंदर: मैं हूँ महाराज।
शेर ने पूछा- “ये करते हुए तुम्हें किसी ने देखा..?”?
बंदर: नहीं महाराज...
*शेर: ठीक है, एक बार और करो अच्छा लगता है...*
*सार:*
अकेले रह-रह कर जानवर और जंगल का राजा भी बोर हो जाता है। *इसलिए अपने दोस्तों के संपर्क में रहें, कान खिंचते रहे, उँगली करते रहे...।*
*सुस्त न रहे ……मस्ती करते रहें..!*
*दोस्त से रिश्ता रखा करो जनाब*
*तबियत मस्त रहेगी*?????