२--आदान- प्रदान
गाँव की एक शिक्षिका हर तरफ से प्रताड़ित होकर ट्रांसफर के किये मंत्रीजी के दरबार में हाज़िर हुई.मंत्री जी ने साफ कहा –पैसे तो मैं लेता नहीं ,शाम को फार्म हाउस आ जाना ,सुबह काम हो जायगा.मरता क्या न करता ,मास्टरनी ने वहीँ किया,सुबह जब लुटी पिटी फार्म हाउस से निकली ,तो देखा मुख्यमंत्री की कार से लगभग वैसी ही हालत में शिक्षा मंत्री की पत्नी उतर रहीं थी.
शिक्षिका में चहरे पर एक व्यंग्यात्मक मुस्कान तैर गयी.