मेरी यादाश्त की गुमशुदगी की रपट,
लिखा दी है मैंने,अपने मस्तिष्क के थाने में......(2)
सूचना आयी है वहां से के.....(2)
दिल का थानेदार जुटा है,
अच्छी यादें वापस लाने में।
आओ तब-तक थोड़ा वक़्त गुजारें हम और आप.....(2)
थोड़ा,हंसने-हसानें में,
रूठने-मनाने में,
सुनने-सुनाने में,
मेरी यादाश्त की गुमशुदगी की रपट,
लिखा दी है मैंने,अपने मस्तिष्क के थाने में।