सज़ाये पायी हैं कुछ ऐसी दिल लगाने की
न अब रोने की ताकत है, न मुस्कुराने की
कदम कदम तेरी हसरत तेरी जुदाई का ग़म
तेरे बग़ैर किसी तरह जी ना पाये हम
हज़ार कोशिशें की तुझको भूल जाने की
वो ख़्वाब ख़्वाब सी राहें, वो आंसूओं का सफ़र
लूटा है किस तरह लम्हों ने तेरे मेरे दिल का घर
कहानी कैसे कहूं दिल के टूट जाने की
ना रास आया कभी हम को प्यार का मौसम
तमाम उम्र रहा इंतज़ार का मौसम
बहुत ही आस थी दिल को बहार आने की।