छूना मत मुझे जलता हूआ आफताब हूँ मैं,
चाँदनी रातों में मेहबूब सा एक महताब हूँ मैं।
कीचड़ और कमल का भी रिश्ता अजीब है,
जिस कीचड़ में कमल खिले वो तालाब हूँ मैं।
तू साथ नही तो मेरी ज़िन्दगी में कुछ भी नही,
हो अगर साथ मेरी ज़िन्दगी में तो शादाब हूँ मैं।
हकीकत में तुमसे दिलो की दूरिया भी बहुत है,
तेरी पुरानी गुज़री हुई उन रातों का ख्वाब हूँ मैं।
"पागल" को पूछ क्या अहमियत है ज़िन्दगी में,
तेरे चेहरे की कातिल मुस्कान का असबाब हूँ मैं।
✍?"पागल"✍?