वो मेरे नाम पहला प्रेम पत्र लाई है,
अपनी आँखों में पानी भर आई है।
मेरी आँखों के उन आँसुओं में भी,
बीते हुवे दिनों की यादें समाई है।
यादों के अल्फ़ाज़ की नज़्म को,
नज़्मों को मैंने होंठों पे सजाई है।
होंठो के दर्द को दिल में बसा कर,
दिल मे तेरी धुंधली तस्वीर बनाई है।
तेरी तस्वीर को सीने में दफना कर,
"पागल" ने सीने में आग लगाई है।
✍?"पागल"✍?