अवसरों की खोज में ,अवसरों की खोज में ।
चला किए चला किए चला किए.चला किए ।
जो जहाँ था जिस तरह मिले थे उससे उस तरह ।
दृश्य जैसे मंच के किए श्रंगार उस तरह ।
अभिनयन की राह में चले यथार्थ की तरह ।
सजीवता की खोज में बहे प्रवाह की तरह ।
विरत हुए न राह से चला किए चला किए ।।
वनान्तरों में काली रात सोचकर गुजार दी ।
प्रभात की प्रसन्नता में काली रात पार की ।
आप से विनय किया प्रभाती कुछ उधार ली ।
नेह रज्जु मार्ग से उफनती नदियां पार की ।
कभी तो होगा शुभ इसी प्रयास में चला किए ।।