. वो बेवफा
. है चलो आज फिर से इक गीत नया गाता हूँ
. कैसी थी वो बेवफ़ा ये बात भी तुम्हें बतलाता हूँ
. कहने को तो वो दूर चली गयी ,
. पर खुद को मेरे पास छोड़ गई
. ज़िन्दगी संग बिताने के सारे सपने को
. वो यूँही पल भर में तोड़ गयी
. तुमसे मिलकर अच्छा लगा ये बात मुझे वो बोल गई ,
. अपनी यादों की बारात को वो दरवाजे से ही मोड़ गयी
. खतों को अपने समेट कर वो आँसू दिल में दबा गयी
. उसे इश्क़ था अभी भी मुझसे , ये उसकी मन की कोयल
. मुझसे बोल गयी ।