बड़ा अनोखा ये प्रेम का बंधन
बहना मेरी मेरे घर का कुन्दन
धुप पुष्प का थाल सजाकर
आई करने को पूजन वन्दन
जुग – जुग जिये भैया मेरा
हर रोज लगाऊं दीप व् चंदन
मिले सफलता तुझे जहाँ में
जाएँ जहाँ भी तेरा हो अभिनन्दन
खुशियाँ ही खुशियाँ मिले तुझे बहना
न देखू तेरा कभी करुण क्रदन
मिलकर रहे दीप बहन-भाई
ये याद दिलाता हमे रक्षा बंधन