तुजे पता नही तेरी क्या मुराद है,
मेरे तो दिल का तू इकलौता स्वाद है
हौसला तेरा मेरे लिए दिखता है कमज़ोर
भूल गयी, में वही, जो है तेरे दिल का चोर,
एक मे हु,
जिसके कानो में रहता बस तेरे ही नाम का शोर,
जानती नही तू चाहत क्या है,
मेरी आंखों में देख, फिर से,
समझ जाएगी, मोहब्बत क्या है