हर वक्त हर घडी तेरी कमी सी खलती है
हर एक जगह मे तेरी एक निशानी मिलती है
अनजान लोगों में भी तेरी आदतें याद आती है
प्यार मोहब्बत क्या है मै क्या जानु पर
आंखे सपनो मे भी तुम्हें देखने को तरसती है
तेरी एक मुस्कुराहट मेरी दुनिया समायी है
फ़िर भी न जाने क्यों
तुने अपनी एक अलग ही दुनिया बनाई है
हर वक्त हर घडी तेरी कमी सी खलती है
ज़िन्दगी तुमसे दुर अलग ही दुनिया मे बसी है
_@heenakatariya