यहाँ सब लोग बड़े इज़्ज़तदार है,
हम थोड़ी इज़्ज़त के हकदार है।
या सिर्फ मैं एक ही ना समझ हूँ,
बाकी सब तो यहाँ समझदार है।
अपनी कोई जान पहचान नही,
यहाँ सारे लोग बड़े रसूखदार है।
हमको तो मुफलिसी ने पाला है,
इंसान एक दूसरे का कर्ज़दार है।
अपनी रखवाली तो सब करते है,
यहाँ "पागल" भी एक चौकीदार है।
✍?"पागल"✍?