एक पेंड पर दो कबूतर रहते थे। वे दोनो एक दूसरे से बहुत प्रेम करते थे । उनका घूमना ,खाना - पीना एक साथ ही रहता था । वे दोनो बहुत खुश थे। एक दिन अचानक से तेजी से तुफान आया , बारिश भी होने लगी , पेंड ऐसे लग रहा था कि अभी उखड के गिर जाएगा , बादल कि उंची गरजन ,बिजली का तेजी से चमकना , सबका बचना बहुत मुश्किल था । कबुतरी ने कहा चलो हम यहां से भाग चलते हैं । लेकिन उडने से पहले कबूतर का पंख पेंड के टहनी में फंस गया लाख कोशिश करने के बाद भी फायदा न हुआ अंत में निराश होकर बोला तुम मुझे छोडकर उड जाओ मैं ठीक रहुंगा । ठीक है अपना ख्याल रखना , यह कहकर कबुतरी वहां से उड गई । तुफान खत्म होने के जब कबूतरी वापस आयी तो क्या देखती है कि कबुतर जमीन पर मरा हुआ पडा है .। पर टूट कर अलग पडा है और खून से भूमि पर लिखा है - काश तुम ये कह देती कि मैं तुम्हे छोडकर नहीं जा सकती तो आज मैं शायद जिवित होता ।
?? नमस्कार दोस्तों "मैं हूं " Suresh Maurya " मेरी ये छोटी सी कहानी आप लोगों को कैसी लगी कृपया कमेंट में लिख कर बताइये ।
thankyou friends. ✍️✍️✍️✍️
s.k.books Suresh Maurya