आज वही फिर ख्वाबो मे आया है ।
जो कब से दिल मे समाया है ।।
ये दिल ईतना बेकरार क्युं है !!
हर पल उसका इन्तझार क्यूँ है ।।
क्यूँ उसके पास होने से दिल धड़कता है ।
क्यूँ उसके दूर जाने से दिल तड़पता है ।।
ख्वाहिश नही है जिंदगी मे कोई मेरी ।
पर क्यूँ उसके लिए दिल दुआ माँगता है ।।
जरिए तो बहोत है राहतो के लिए मगर ।
क्यूँ उसके हाथ थाम ने से शुकुन मिलता है ।।
अक्सर दिल में सवाल उठता है ।
क्या इसे ही प्यार केहते है !!!
और हर बार जवाब मिलता है ।
हा यही प्यार है... हा यही प्यार है ।।