?प्रभात पुष्प?
रास्ते पर कंकड़ ही कंकड़ हो तो भी
एक अच्छा जूता पहनकर उस पर चला जा सकता है।
लेकिन एक अच्छे जूते के अन्दर एक भी कंकड़ हो तो एक अच्छी सड़क पर कुछ कदम चलना भी मुश्किल है।
अर्थात् हम बाहर की चुनोतियों से नहीं बल्कि अन्दर की कमजोरियों से हार जाते है !
?☀️?
?स्नेह वंदन
???शुभ प्रभात???