लम्बी खाइशे
खाइशे हे लम्बी और जिंदगी छोटी
हर फरमाइश कैसे करे हम पूरी
हर सपनोंकी राहमें खड़ी हे मजिल
पर होती नहीं यहाँ उमीदे कहि पूरी
मिलती हे मंजिल तो फासले कटते नहीं
फासले कटते हे तो राहे थक जाती हे
खाइशे हे लम्बी और जिंदगी छोटी
हर फरमाइश कैसे करे हम पूरी
कटती हे राहे और बीत जाता हे वक्त
ढूढते ढूढते कहि गुजरता हे वो लम्हा
निकलते हे लोग आगे कहि
और रेह जाते हम पीछे कही
फिर रेहता हे अफ़सोस और कुश नहीं
खाइशे हे लम्बी और जिंदगी छोटी
हर फरमाइश कैसे करे हम पूरी
सुबह फूल खिलता हे
रातको वो बिड जाता हे
फिर सबेरा होते वो फिर खिलता हे
हारसे जीतता हे जीतसे हार जाता हे
फिरभी महेकता रेहता हे
न हम फूल बन पाए ना काटे
बस लगे रहते हे फरमाइस पूरी करने के वास्ते
खाइशे हे लम्बी और जिंदगी छोटी
हर फरमाइश कैसे करे हम पूरी
nicky tarsariya