*सद्गुरू शरणं*
*सद्गुरू कृपा का अर्थ यह नहीं,*
*कि जीवन में कभी दुःख ही न आए।*
*दुःख में भी आप दुखी न हों,*
*वो घड़ी कब बीत जाए,*
*आप को पता ही न चले...*
*यही है "गुरुकृपा"।*
*जिसके सद्गुरू हैं सारथि, निश्चय उसकी जीत,जिस मन गुरु बसें, उस मन प्रीत ही प्रीत.*
*संत, महापुरुष, भगवत भक्तगण बताते हैं; कि जब आप बस या ट्रेन में बिना टिकट सफर करते हो तो कितना डर,भय, चिंता, घबराहट होती है । कहीं कोई टिकट चेक करने वाला ना आ जाये। सारा सफ़र चिंता और बेचैनी में जाता है ।*
*और जो टिकट ले के सफ़र करता है ।*
*वो खुशी-खुशी सफर करता है* ।
*उसे कोई चिंता, घबराहट या परेशानी नही होती। उसका सफर खुशी-खुशी कट जाता है।*
*आखिर यह टिकट क्या है?*
*टिकट है; राम नाम कृष्णानाम !*
*इस देहः में जो *राम नाम वाली टिकट लेके जीवन जीता है वो खुशी-खुशी जी लेता है ।*
*जो बिना राम नाम के जीवन व्यतीत करता है उस व्यक्ति का सारा जीवन चिंता, घबराहट, बेचैनी और परेशानीयों से ही कटता है ।*
*इसीलिए गुरु जी कहते हैं-:*
*जप लो, यही मौका है.*
*हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे*
*हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे*
*आंनद पाओगे वरना अंत काल पछताओगे*
*श्री राम* *गुरुजी शत शत नमन* ???
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