#kavyotsav -2
अनदेखा किया करती हूं फिर हंसती हूं
क्षण-क्षण में जिया करती हूं फिर हंसती हूं
तोड़ा ख़ुद ही ख़ुद को फ़िर बना डाला
प्याले रोज़ पिया करती हूं फिर हंसती हूं
बुन ली चादर पांव छुपाने की खातिर
टूटा रोज़ सीया करती हूं फिर हंसती हूं
तुम को शान-ओ-शौकत की विरासत है
जोगन मैं जिया करती हूं फिर हंसती हूं
#लता