#kavyotsav #bhavnapradhan
एक रात
सोचता हूं
एक रात चुरा लूं
ज़िन्दगी से तुम्हारी
बिठा कर सामने तुम्हें
बांट लूं बातें
ज़िन्दगी भर की
बिखरा कर तुम्हें एक कैनवास में
भर दूँ मनचाहे रंग
तुम एक तस्वीर की मानिंद
बस देख सको सुन सको
महसूस तो कर सको मेरे हर स्ट्रोक को
मगर रोक ना सको
तुम्हारी ज़ुल्फों के साथ खेलने को
बढ़ती हुई मेरी उँगलियों को
तुम्हारे लबों को सींचने के लिए नम हुए
मेरे होठों को
तुम्हारी सांसों में घुलने को बेताब
हुईं मेरी धड़कनों को
और मैं सोचता हूं
कि उस रात की
कभी सुबह ना हो
#anjali cipher