हरपल सताके मुझे खामोश कर जाती है
ऐ यादे तेरी हरपल धडका जाती है।
ऐ चाँद भी सोया है ऐ रात भी सोई है
बस एक मेरी नीद ही तेरी याद में जगी है।
गुमसुमसी लगती है जीदगी मुझे अब
कही मीलनेसे पहले ही बिछडना जाये हम।
लगता कही आया है झोका हवाका
लेहराता हुवा कही संग ना ले जाये मुझे ।
तडपती है आखे मेरी तुझे मीलने के वास्ते
पर डरता है दील कही खो ना दे ये साहते ।
केहती है बाते हरपल ना समझ है राहे
फिरभी समझा के सुलजा लेती है बाते।
Nicky tarsariya
2/4/2018