#फेसबुक_की_शोले
जो कभी चड्डी में घूमा करते थे
जी पी सिप्पी बने यहाँ टहल रहें हैं
ना आँखों में शर्म ना दिल में इज्जत रही
इनकी नज़रों में रामगढ़ के खेत बस रहे हैं
हालात इस कदर नाज़ुक दौर से गुज़र रहे हैं
रहीम चाचा भी देखो यहाँ यो यो कर रहे हैं
क्यों दिमाग से सोचकर दिल से अंजाम देते हैं
Copy pest के जमाने में आप खामखाँ तकल्लुफ कर रहे हैं
ये आभासी दुनिया के जय और वीरू हैं
ठाकुर साब ? लाइक करते गब्बर रिप्लाई दे रहे हैं
रामलाल भी धड़ाधड़ लाइक ठोंकता है
हम सूरमा भोपालियो के कमेंट अलबेले हैं
खत्म होने का नाम नही लेती यहाँ बसन्ती की चैट
कालिया सांभा भी भेज रहे गाँव वालो को फ्रेंड रिक्वेस्ट
अंग्रेजों के जमाने के जेलरो को यहाँ दुनिया फॉलो कर रही
मौसी भी देखो रोज़ रोज़ प्रोफाइल पिक है बदल रही
पूरी रामगढ की जनता online 4G पर आई
Offline होते ही लगता है*इतना सन्नाटा क्यों है भाई*...?
Atul Kumar Sharma.