मोरल कहानियां
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कारोबार
आर0 के0 लाल
ठेला लगाने वाले कल्लू अपने 10 वर्षीय बेटे की पिटाई कर रहा था और वह रो रहा था।
पास गुजर रहे एक व्यक्ति ने उससे पूछा क्यों भाई क्या बात है क्यों इसकी पिटाई कर रहे हो इस ने क्या किया है? क्या बिगाड़ा है?
कल्लू नशे में था। लड़खड़ाती आवाज में बोला- “ससुरा नालायक है, इसे पिछले 3 महीने से मैं सिखा रहा हूं कि तराजू से तौलते समय घत-तौली कैसे की जाती है मगर यह सीखता ही नहीं। पता नहीं कैसे यह सामान बेचने का काम करेगा।“
इतने में उसकी पत्नी भी आ गई कहां कि दारू के नशे में बच्चों की क्यों पिटाई करते हो? कल्लू ने कहा अपना तो एक ही बच्चा है अगर यह नहीं सीखेगा कि कैसे कमाई की जाती है तो आगे चल कर के अपना परिवार कैसे चलयेगा? इसी चिंता में मैं सूखता जा रहा हूं और शाम को दारु पीना पड़ता है।
बेटे ने कहा- “मैं यह सब काम करने वाला नहीं हूँ । मैं स्कूल जाऊंगा, पढ़ लिख कर के एक अच्छी नौकरी करूंगा। इस काम में कोई इज्जत नहीं है। अभी से मुझे बेईमानी है सिखा रहे हो जो सही नहीं है।“ कल्लू फिर आग बबूला हो गया एक हाथ लगाते हुए कहा- “स्कूल जाएगा, पढ़ कर क्या करेगा। पहले दो जून की रोटी का इंतजाम कर ले ।“
कुछ दिन बाद पता चला कि कल्लू का बेटा कहीं भाग गया है और वह अपने कर्मो को कोस रहा है। शायद उसे अपनी गल्ती समझ में आ गयी थी।
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