चार लाइनें लिखें तो बन जाती हैं शायरी
शायरी से बन जाती हैं गज़ल
चार पहरे लिखें तो बन जाती है कविता
कविता से बन जाती है कहानी
खुशी हो या गम , प्यार हो या गुस्सा
लिखें हुए सच्चे जज्बातों की
अजनबी ज़िंदगी भी हो जाती हैं दीवानीं
Rk sidhi ( mask life )
unknown writer