धन्य हो गई अपनी धरती ,जिसने तुमको जाया है ।
राख हो गई आतंकी धरती ,ऐसा कदम बढ़ाया है ।
है तुमने कितनी शक्ति ,यह करके दिखलाया है।
उजडी मांग ,सूनी गोदी का,आज जो कर्ज चुकाया है।
है सलाम तेरे जज्बों को ,जन-जन को यह भाया है ।
जय भारत ,जय भारती का, गूंजा नारा प्यारा है ।
जय हिंद ,जय भारत।