आज अल्लाह भी रोया है .
आज मेरा शिव भी रोया है ..
हर हिन्दु रोया हैं...
हर मुस्लिम रोया हैं...
बस कुछ लोग निकले गद्दार ना उनका खून खोला हैं... ना वो रोया है... अभी बोल रहे हैं में हिन्दू में मुस्लिम... बस ईनसानीयत गवाई है...
आज हम सूकुनसे रह सके अपने आशीयाने में ईस लिये...
वो मुस्लिम ... वो हिन्दु.... वो सिख... वो मराठी ... सब जवानोने अपनी जान गवाई है...
हर माँ एक वीर दे ईस देश को
,हर घर में गुंजे वीरता
ना मंदिर चाहिए ना मसज्जिद बस सब के दीलो में राम रहीम चाहिए ...
हमारी विविधता ही हमारी ऐकता और हमारी शान है ये समज ले दुनिया ...
ना हम कायर है .. ना हम कमजोर ..
बस कुछ संस्कार हैं .. और कुछ ईनसानीयत है हम में वरना इतिहास गवा हैं सोनेकी चिडिया को कई बार लूटा है दुनिया ने आजभी वो सोने की चिड़िया है... सोने की चिडिया है...... ?????