ए बाबु तुम आवो न मेरे करीब
मुझे तुमे जी भरके देखना है.....
बाबु तुम थोडा सा हँस भी
दोना मुझे तुमारे साथ खेलना
है मुझे तुम्हारे मैं मुझे
छोडा बच्चा नजर आता है.....
तुम बोलो ना मुझे सिर्फ तुमको सुनना है,
तुम बोलते हो तो उसमे
मुझे बच्चें जेसी
मासुमियत दिखाई पडती है ....
ए बाबु तुम बेठो न मेरे पास मुझे सौना
है तुम्हारी गोदी मैं क्योकि
मुझे तुम्हारे हाथ जब सहलता है
तो निंद फटाक से आ जाती है......
मुझे प्यार का जाम पिलाओ ने
तुम्हारे ए होठ तरस रहे है,
हमारी प्यार की प्यास बुझा दो न
मुझे प्यार या जाम पीना है......
हम आए है तुम्हारी शरण मैं
हमको निराश न करो न
एसा तो भगवान भी नहीं
तरसाता तुम छोड दो न
ए बच्चों जैसी जीद हम
कब से तुम्हारे लिए तरस रहे है.... ...
हम ने बाबु प्यार तो किया है,
अभी तो ए पल जीले जरा
बाद का हम दोने मिलकर निपटा लेगें
बाबु हमको अपने जीवन का हिस्सा बनावो न
,हमको अपने पीछे तुम्हारा नाम लगा ने दोन
हमारे संग प्यार की गठ मजबूत बंधो न कोई छोड न दे,हम कबसे तुमसे इश्क लडाने के लिए उतावले हो रहे है........
हमको अपनी आगोस मैं समाओ
न कब से ए दिल तुम्हारे करीब आना चाहता है।
होठ भी तरस रहे है तुम्हारे
होठ को मिलने के लिए थोडा
करीब आओ न बाबु
तुमे जरा हम जी तो ले
इस पल ..........
शैमी ओझा.....