अगर दुसरो की गलती न सुधारी तो बात वही अटकी पडी रहेगी | जो देखे वो बता दें कि कहां गलत हो रहा है और साथ कैसे सुधारना है वो खासम खास बताना चाहिए | वरना पता चला गलती क्या है पर क्या करें की गलती को सुधारे पता नहीं तो ना चाले | ये तो ये बात हो गई दर्द पता चला पर दवाई का अता पता नहीं और दवाई मीले तो खा लेनी चाहिए ताकि दर्द जटसे छूमंतर हो जाए...ॐD