पहले तो बडा प्रश्न आता है स्वास्थ्य, परिवार,जीम्मेदारी, फर्ज, घूमना, मोज आदि से तो नीपटे बाद में सोच चलती है कि भगवान से कैसे मीले !?! ये तो हुआ कुछ युं कि नीपटाने चले थे खुद के घर की समस्या देखा अकेले की नहीं सब की है तो सोचते चले सुलजाते चले केहते चले | जो मुलाकात करवाई थी दादा ने तो रीश्ता बना लीया भगवान से | वैसे भी भगवान सर्वशक्तिमान है तो बस दोस्ती जम गई |...ॐD
(भगवान तो भगवान है कीसीका भी नाम लो ऐसा नहीं कि यही नाम लेने से मीले सीर्फ नाम लेना काफी नहीं कर्म भी अच्छे होने चाहिए समझ लईओ जीने भी पुछा) |...ॐD