बहोत दूख की बात है
जो नीकली हवा है पैसा पैसा कर
दिखे है जहां तहां पैसा ही पैसा
उसमें बिचारा फसे अच्छा इंसान
न देख सके अच्छाई
कहे है कीतनी है कमाई बनने चले हो जमाई ?
पर खुद का न देख सके
पाढाई है बारहवीं पर करनी है शादी बंगला मोटर कार से
उसमें बीचारे फसे है
सुबह से शाम करें कमाई
फिर भी बोले बस इतना ही हुई कमाई ?
करना तो ये चाहिए
मील कर करेंगे कमाई
अर्धागीनी है जो बनाई
ये तेरा घर ये मेरा घर मीलकर बनाए अपना घर
होते मुझसे कम
इसलिए बढाते जाते उम्र
पर थोडा संभाल ले
थोडा खयाल रखें
तो मीलते है
सर आंखों पर बीढाने वाले
फीक्र करने वाले...ॐD