"प्रेम और ज्ञान"
प्रेम और ज्ञान में तालमेल बिठाना कठिन काम होता है जो विरले ही कर पाते हैं.. ज्यादातर लोगों का हाल कुछ ऐसा होता है...
वो ज्ञान का अथाह सागर,
उसका मन प्रेम की खाली गागर..
ज्ञान और प्रेम में से किसी एक को चुनने के प्रश्न पर शायद मैं हमेशा उस प्रेम का ही चुनाव करूँगी जो निर्दोष हो,निश्छल हो,मासूम हो..
ज्ञान तो संसार में पहले से ही बहुत भरा हुआ है.. ये प्रेम ही कम मिलता है...
आज ये लिखते हुए एहसास हो रहा है कि शायद ईश्वर के चुनाव का तरीका भी कुछ ऐसा ही होता है तभी भक्ति मार्ग को ईश्वर प्राप्ति का सर्वश्रेष्ठ मार्ग कहा जाता है....।
प्रांंजल,
22/01/19,
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