#बुरा_मत_मान_ना
??????
पराई औरतो के साथ,गप्पे लड़ाना भाता हे,
अपनी ही बीवी को वो,नही समज पाता हे।
रहता हे चूर बस अपनी ही धुन में वो,
कहि सुनी बाते बीवी की कहा जेल पाता हे।
बेठे बेठे बाते करती हे सहेलियों से,
आये घर थके पति उलजाति हे पहेलियो से।
ना मिले जो अपने मन का घर भर्ती शोर शराबो से,
मिल जाये तो अपने पन में रहती चूर पहेरियो से।
Dp,"प्रतिक"