#गुजरते वक्त के साथ
गुजरते वक्त के साथ मै भी गुजर रहा था।
पता है बडा मुश्किल होता,
उसी राह से गुजरना जीस राह पर आपको काटे चुभे हो।
मुझे भी चुभे थे।
शायद इसी लिए,
हर हमराही से इतना घुलता-मीलता नही। क्या पता किसे संभालते-संभालते खुद खड्डे मे गीर जाऊ।
बडा डर लगता है, की वो हमे वही छोड आगे नीकल ना जाए।
और मै वही गुजर जाऊ, गुजरते वक्त के साथ।
-रेरा