मगर एक हौसला है दिल में जीना है तो जीना है ॥
जहां तक ये नजर जाती है बिछे रेत के कण है ।
मगर मेरी नजर में वे चमकता एक नगीना है ॥
पसीना खुबसूरत लग रहा है, श्रम के तन मन पर ।
परिश्रम के बदन पर जो चमक रहा है वो मीना है ॥
पसीना उस ने नींव मे भरा था जब बनाया घर ।
उसे अपने ही दम पर जिंदगी को अपनी जीना है ॥