मेरा अब इस तम्बू मे दम घुटने लगा है
रोज मुझे देखने हजारों लोग आते है।
मुझसे तरह तरह के वर मांगते है.
कुछ रोते भी हैं. मेरे हाल पर ।
पर शायद वे अक्षम है या उन्होंने चोला ओढ रखा हैं।
मैं भी सोचता ह्ँ इन्हें सक्षम बनाने के विषय मे ।
पर डर लगता है ।जिन्हें सक्षम बनाया था ।उन्होंने किया कुछ ।