तन्हा तन्हा मत सोचा कर
मर जाएगा मत सोचा कर
प्यार घड़ी भर का ही बहुत है
झूठा सच्चा मत सोचा कर
जिसकी फ़ितरत ही डँसना हो
वो तो डँसेगा मत सोचा कर
धूप में तन्हा कर जाता है
क्यूँ ये साया मत सोचा कर
अपना आप गँवा कर तूने
क्या पाया है मत सोचा कर
मान मेरे 'शहज़ाद' वगरना
पछताएगा मत सोचा कर
फरहत शहज़ाद