#हिंदी शायरी#
ट्रिन ट्रिन घंटी बजी, तेज़ी से मेरी धड़कन बढ़ी,
सालों बाद वोह ' हैलो ' सुनी, लगे यादों के मेले !!
मन में गुब्बारे थे, दिलों में फव्वारे थे
सपने बहुत सवारें थे, लगे मस्ती के मेले !!
आंखो ने गिरफ्त किया, बाहों ने कैद किया,
होठों ने गिरफ्तार किया, लगे स्नेह क़ैद के मेले !!
तारों ने शहनाई बजाई, चांदनी बारात ले लाई,
आसमां ने दुआ बरसाई, लगे रंगों के मेले !!
तभी एक आंधी आई, उड़ा के सब प्यार ले गई,
रुसारूसी पे वोह उतर आई, लगे शिकवों के मेले !!
ना हमने मनाया , ना उसने, टुकड़े दिल के हुई छन से,
पर आज तो हमारा एक ' सॉरी', होंगे खुशियों के मेले !!
#hindishayri #