@बेगम आज आई थी आप फिर ख्वाब में मगर क्यूँ यह मालुम नहीं..
आज तोडा आपने खुदका ग़ुरूर मगर क्यूँ यह मालुम नहीं..
चाहत खींच लायी या आयी आप होकर मजबूर यह मालुम नहीं..
पास आयी और लिपट गई आप मुझसे मगर फिर से ओझल हो गई क्यूँ यह मालुम नहीं..
एक बात कहूं @बेगम..? माना कि आप आज साथ नहीं है मगर आपका यह अहसास मुझे रोजाना हंसना सिखाती है.. (~_^)
अभी