#Kavyotsav
एक रिश्ता जो जन्म से नहीं सात फेरो से बना है
एक माँ जिसने मुझे जन्म नहीं दिया है
एक माँ जिसने डांटा भी मुझे और प्यार भी किया है
एक ऐसी माँ जिसने मुझे अपना बेटा दिया है
वो साथी है तन्हाई का, वो शिकवा है रूसवाई का
यूँ तो शिकवे थे बहुत माँ तुमसे
सुनाए तुम्हें कितने पुराने किस्से
शायद मेरा बचपना था या
मुश्किल एक दूसरे को अपनाना था
ये जो तेरी मेरी तकरार है
शायद ये भी कोई अनकहा प्यार है
कभी सहेली हो तुम कभी सलाहकार
कभी गुस्सा भी आया और कभी हुई तकरार
पर शायद कीमत का एहसास तुम्हारी तब हुआ जब तुम्हें तकलीफ में पाया
हर लड़ाई कुबूल है, बस मिलता रहे तुम्हारा साया
तुम हँसती रहो, खेलती रहो
चाहे गुस्सा करो और लड़ती रहो
तुम्हारे बेटे का ख्याल मैं रख नहीं पाऊँगी
प्यार तो दूँगी पर माँ कहाँ से लाऊँगी
मेरी बेटी को मेरी ये माँ चाहिए
इस बेटी को भी मेरी ये माँ चाहिए
ईश्वर तुमसे ये वरदान चाहिए
साथ मे सदा पूरा परिवार चाहिए
जोड़े रखना परिवार के मोती, रिश्तो की डोर से
टूटने ना देना मेरी माला किसी ओर से
~ आरोही1508~
मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित