प्रेम#
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दिल में तस्वीर लिए राह से गुज़रते हैं।
हर चेहरे में तुझको तलाश करते हैं।
तुमने तो भुला देने की कसम खायी है,
हम तेरे नाम से मरते हैं, जिया करते हैं।
तेरा छुप-छुप के देखना याद आता है,
उन नज़रों की सादगी से प्यार करते हैं।
वो धीमी -सी हंसी, वो छूने की चाहत,
फिर उन गुज़रे पलों का इंतजार करते हैं।
प्यार की कली फूल भी न बन पायी,
जाने क्यों लोग बिछड़ने को मिला करते हैं।
प्रेषिका
डॉ अमृता शुक्ला