#Kavyotsav
लो चलो आज कुछ बाँट ले ,
इस शाम में छिपती हुई तन्हाईआं अपनी आज हम थोड़ी सांझ ले ,
डर लगता है फिर कोई ढलते सूरज में इन छिपे सवालो को न टटोल ले ,
फिरसे कोई इस तनहा दिल का हाल यु न आखों में देख कर कुछ पूछ ले,
ये रात छिपाने आयी है सरे दिल के राज हमारे ,
तो टिमटिमाते तारे भी साथ हमारा देने आये है,
कभी कोई पूछ न ले कोई सवाल हमसे,
ये आज अपनी रौशनी उन पर बिखेरने आये है...