#MERAKRISHNA
मेरे मन कृष्ण मतलब मोरपंख के रंगों की भाषा का सौदागर, एक अविचल एवं निरन्तन प्रवासी , अपने जीवनफलक को नृत्य , संगीत और प्रेम मे डूबोनेवाला, रिवाजो एवं परम्पराओ को छोड़कर इस क्षण के सत्य में जीनेवाला अद्भुत मनुष्य | ईश्वर का दरज्जा पाकर भी वो मुझे कभी भी ईश्वरवत लगा नहीं. मस्ती - मज़ाक से बिता हुआ बचपन गीताज्ञान तक विस्तृत जीवनपट का दर्शन है कृष्ण | गाँव की मिटटी और माखन पर झुमनेवाला गीता में मोह और माया की बात कर सकता है और उसे जी भी सकता है. जीवन के पूर्णत्व को पाकर भी अधूरेपन का आदि है कृष्ण |