Devil, You Are Mine - 8 in Hindi Love Stories by Miss Anonymous books and stories PDF | Devil, You Are Mine - 8

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Devil, You Are Mine - 8

आगे...!

कुछ देर बाद अद्वैत उसे कपूर मैंसन लाता है और अपने गोद में उठाकर पिछे के रास्ते उसके कमरे में जाकर उसे लिटा देता है। वो उसे कंबल उठाकर जैसे ही उठने को होता है वो उसे गाल किस करके बोली- I love you .और आंखें बंद कर मुस्कुराने लगी। अद्वैत उसे एक नज़र देखकर चला गया।

यहां दादी ने श्रुति की बात मानते हुए इशान को झूठ बोल दिया और ईशान ने जैसे ही ये सुना की अद्वैत का एक्सिडेंट हुआ।वो उसी वक्त चौपर रेडी करवा कर दादी के साथ वहां से निकल गया।

अगली सुबह,
    कसमसाते हुए राशि ने अपनी आंखें खोली और अपना सर पकड़ कर बैठ गई। उसके सर में काफी तेज़ दर्द हो रहा था। वो उठकर वॉशरूम में गई और फ्रेश होकर बाहर आई मगर सर दर्द अब भी बरकरार था।

वो बाहर आई तो टेबल पर कॉफी रखी हुई थी। उसने जल्दी से उसे उठाया और पिने लगी। तब जाकर उसे कुछ राहत महसूस हुई। वो अपने कपड़े लेकर बाथरूम में चली गई और कुछ देर बाद रेडी होकर निचे पहुंचीं। उसने एक सोर्ट कुर्ती और जिंस डाल रखी थी। बालों को समेटकर कल्चर लगाया हुआ था।।

वो निचे आई और सबको गुड मॉर्निंग विश करके डाइनिंग टेबल पर बैठ गई। राशि अपने प्लेट में पराठा अचार डालते हुए बोली- मम्मा श्रु कहां है?

सरस्वती जी एक गहरी सांस लेकर- अपने कमरे में है। पैकिंग कर रही है।

राशि चिढ़कर- अरे वाह!! मतलब मातेश्री आप मान गई? 

सरस्वती जी- सरस्वती कपूर कभी अपने वादे से पीछे नहीं हटती कहकर अपना नास्ता करने लगी। कुछ ही वक्त बाद श्रुति अपने कंधे पर बैग टांगें निचे आई। उसने इस वक़्त एक शोर्ट टॉप,जिंस जो कई जगह से कटी-फटी थी पहन राखी थी। और उसके ऊपर सर्ग डाल रखा था।

उसके बाल दो गुथे हुए चोटी में बंधे हुए थे। वो चुपचाप बैग सोफे पर रखकर अपने जगह पर बैठकर नास्ता करने लगी। सब लोग चुपचाप नास्ता करते हैं।

कुछ देर बाद,
       सब सोफे पर बैठे हुए थे। सरस्वती जी- कहां जा रही है?

श्रुति कुछ फूड पैकेट बैग में भरते हुए- पता नहीं...

सरस्वती जी कुछ नहीं बोलती आखिर उनके सारे गुण उसे विसात में मिले थे।वो भी ऐसी ही जिद्दी थी। वो उसके माथे पर किस करके बोली- अपना ख्याल रखना और डेड लाइन से पहले आ जाना वरना ये आखरी बार होगा।

श्रुति उनके गाल पर किस करके- ओके माई डियर सरू।

फिर राशि के गले लगते हुए उसके कान में धीरे से कुछ फुसफुसाई जिसे सुनकर राशि उसको हैरानी से देखने लगी साथ ही उसका चेहरा थोड़ा गुलाबी हो गया।

श्रुति ने दोनों बाए कहा और वहां से निकल गई। बाहर पहले ही कैब खड़ी थी वो उसमें बैठकर निकल गई। उसके वहां से जाते ही एक ब्लैक पौश कार गेट से एंटर हुई और एक हैंडसम नौजवान गाड़ी से बाहर निकला। गोरा रंग हल्की सी बियर्ड , ब्लैक आइज जो थकी सी लग रही थी। अपने कोर्ट को हाथ पर लटकाए वो अंदर गया।

उसके अंदर आते ही एक पिलो उड़ता हुआ उसके चेहरे पर पड़ा। उसने सामने देखा तो उसकी मां गुस्से से उसे घूर रही थी। वो लड़का और कोई नहीं बल्कि आर्यन कपूर था।जो कल रात बिजनेस मिटिंग की वजह से घर नहीं आया था और कुछ जरूरी काम से ऑफिस वापस चला गया था और इत्तेफाक से उसकी प्यारी मां को उसकी ये आदत पसंद नहीं थी कि वो रात को घर पर ना हो।

और सोने पर सुहागा ये की वो उन्हें इंफोर्मे करना भूल गया।। उसने पिल्लों उठाया और अपने मॉम से कहा- मॉम वो....!

मिसेज कपूर उसपर भड़कते हुए बोली - एक कॉल कर देता तो क्या तेरे फोन का बैलेंस खत्म हो जाता या तेरी कोई मिटिंग कैंसिल हो जाती?

वो फिर कुछ बोलने की कोशिश करता है मगर मिसेज कपूर उसे कुछ बोलने का मौका दिए बिना डांटना स्टार्ट कर देती।

राशि अपने थके हुए भाई को तरस भरी नजरों से देखती है वो बेचारी कुछ बोल भी नहीं सकती क्योंकि वो अपनी मां से जीत नहीं सकती है और जो जीत सकती थी वो यहां अभी कुछ दिन  के लिए नहीं थी।

उसने अपने दिमाग के घोड़े दौड़ते हुए कहा- मम्मा आप भाई को क्यों डांट रही हो उन्होंने हमें कॉल किया था क्योंकि आपका फोन लग नहीं रहा था।

फिर मायूस हो कर बोली- देखो भाई कितने थके हुए लग रहे हैं। जाओ इनके लिए कुछ खाने को बनाओ।उसकी बात सुनकर मिसेज कपूर का ध्यान अपने बेटे के थके चेहरे पर जाता है। 

वो उसके सर पर हाथ फेरकर बोली- आज जो हुआ सो हुआ कल से तु नौ बजे से पहले घर नहीं आया तो घर में घुसने नहीं दुंगी। तुझे कंपनी संभालने इसलिए नहीं दी की तु अपने तबियत खराब कर ले।

तुम तीनों को पालते हुए मैंने इस कंपनी को आगे बढ़ाया है और तब ये ऑफिस नौ-सात चलता था और हम खुश थे और आज भी हैं। तुम काम में इतना भी मत डुबो की घर - परिवार के बारे में ही भूल जाओ।

फिर उसके चेहरे पर हाथ रखकर- हमारी नहीं तो कम से कम आयुष्मान की तो सोचो। उसके पास मां नहीं और तुम भी उसे टाइम नहीं देते। ऐसे जिंदगी नहीं चलती।

फिर उसके हाथ से कोर्ट लेकर सोफे पर रखकर बोली- थोड़ी देर आराम करो और किचन में चली गई। आर्यन सोफे पर बैठ गया। उसने शुरू से लेकर अंत तक बिना भाव के मिसेज कपूर की सारी बातें सुनी थी।

राशि उसे ग्लास में पानी देती है।पानी पिकर वो कुछ देर वहां बैठता है फिर अपने कमरे में चला गया।

मल्लिक हाउस,
               सुधा जी और मिस्टर मल्लिक एक दूसरे के साथ हॉल में बैठे कुछ क्वलिटी टाइम स्पेंड कर रहे थे जब डोर बेल बजी। 

मिसेज मल्लिक उठने को हुई थो मिस्टर मल्लिक उसके हाथ को कसकर पकड़ कर कहा- आप बैठिए जो होगा चला जाएगा।

मिसेज मल्लिक उसने हाथ छुड़ाकर- बेशर्म मत बनिए, जाने दिजिए हमें। बुढ़े कहीं के🤭

मिस्टर मल्लिक- अजी हम तो अब भी जवान हैं कहकर उन्हें आंख मारते हैं।

सुधा जी हंसकर डोर की तरफ बढ़ी।वो जैसे ही डोर खोलती है उसकी हंसी जम जाती है वहां खड़े इंसान को देखकर।

अपने कांपते हुए हाथों से उन्होंने उसके गालों को हुआ और उसके चेहरे को झुका कर उसके माथे पर किस कर लिया और उसके बालों पर हाथ फेरकर उससे लिपट कर फफक कर रो पड़ी।

ईशान  उन्हें पकड़ना चाहता मगर उसकी हिम्मत नहीं हुई। उसकी आंखों में नमी आ चुकी थी। बहुत देर सोचने के बाद उसने उनके बालों पर हाथ रखकर कहा- मां प्लिज मत रोइए।

मिस्टर मल्लिक जो दरवाजे के पास अभी-अभी आए थे। उन्होंने अपनी पत्नी को अपने पास खींच कर उनके आंसू पोछते हुए कहा- रोना बंद करो क्या तुमको तबियत खराब करनी है?

मिसेज मल्लिक ने ईशान की तरफ़ देखा फिर अपने पति को.....वो कुछ नहीं बोली। तभी पिछे से दादी की कड़क आवाज़ आई ।

To be continued..........