अद्वैत राशि को उसके कमरे में ले जाकर बेड पर बैठा देता है और खुद एक स्टूल लेकर उसके पैर के पास बैठ गया। राशि का कमरा भी काफी खूबसूरत था।उस कमरे में सबकुछ श्रुति के कमरे की तरह था सिवाए कलर के।
राशि बेड पर हेड बोर्ड से टिक कर बैठते हुए बोली- आप यहां क्यों रूके हैं। आपको जाना चाहिए।
अद्वैत बिना कुछ कहे उसके पैर की तरफ़ अपना हाथ बढ़ाता है। मगर राशि अपना पैर पिछे कर लेती है और गुस्से से बोली- आपको समझ नहीं आता... क्यों परेशान कर रहे हैं। जाइए न हम किसी से कुछ नहीं कहेंगे।
अद्वैत उठकर डोर के तरफ बढ़ जाता है। उसी वक्त श्रुति अंदर आते हुए बोली- अद्वैत क्या आपने मोच ठीक कर दी..?
अद्वैत अपने हाथ फोल्ड करके चोट की ओर देखते हुए- तुम्हारी बहन उसे हाथ लगाने दे तब ना...?
श्रुति शरारत से - किसे खुद को..?
अद्वैत- नहीं उसके पैर को..!
श्रुति टेबल पर गर्म पानी,टावल और स्प्रे रखते हुए- क्यों राशि क्या आदि सच बोल रहें हैं..?
राशि कुछ नहीं बोलती तो श्रुति अद्वैत का हाथ पकड़ कर उसे वापस स्टूल पर बैठाती है और बोली- आप अपना करो मैं भी देखती हूं ये कैसे मना करती है कहकर खुद राशि के पास बैठकर राशि से धिमी आवाज में बोली- तू भूल गई हमारा क्या प्लैन है? या फिर कहीं ऐसा तो नहीं की तु अब जाना ही नहीं चाहती? कहकर उदास चेहरा बना लिया 😔
राशि उसे समझाते हुए- नहीं ऐसा नहीं है.... हमें सच में जाना है वो श्रुति के गाल पर हाथ रखकर बोली।
श्रुति - अगर ऐसा है तो तू अदि को वो करने दे जो वो करना चाहते हैं।
राशि उसे आंखें छोटी करके घूरती है तो श्रुति बोली - मतलब तेरा मोच ठीक करने दे। फिर अद्वैत से- आदि आप अपना काम करो।
अद्वैत एक बार राशि को देखा फिर अपने टी-शर्ट की स्लीव्स ऊपर कर राशि का पैर पकड़ उसपे हल्के हाथों से मसाज करता है। फिर 5 मिनट बाद श्रुति को आंखों से कुछ इशारा करता है जिसे समझकर श्रुति राशि को अपने गले लगा लेती है और इसी के साथ अद्वैत अपनी आंखें बंद करके उसके पैर को एक तरफ ,एक डेफिनेट एंगल पर मोड़ देता है जिससे राशि के मुंह से चिख निकल गई।
दो मिनट तक तिनों चुप रहे फिर अद्वैत बोला- अपने पैर मूव करने की कोशिश करो। राशि न में सर हिलाई तो अद्वैत कड़े शब्दों में बोला- क्या आप चाहती हैं हम अपनी बाहर कही बात को श्रुति के सामने पूरा करें...?
राशि गुस्से से श्रुति के बाहों से अपना सर निकालकर अद्वैत को देखी और पैर धिरे-धिरे हिलाने लगी और बोली- हम्म ठीक है मगर अब भी हल्का-हल्का दर्द दे रहा है।
अद्वैत-शाम तक ठीक हो जाएगा। और फिर गीले टावल से उसके पैर पोंछ कर उसपर स्पे करके उसे ब्लैंकेट उढाकर श्रुति से कहा- बनी अभी इनका खाना यहीं कमरे में भिजवा दो क्योंकि अभी कुछ देर इन्हें चलने की इजाजत नहीं है।
राशि चिढ़ते हुए- आप कोई डॉक्टर नहीं है....जो हम आपकी सारी बात माने । वैसे भी हमें निचे सबके साथ लंच करना है कहकर जैसे ही ब्लैंकेट हटाई श्रुति टपाक से बोली- ओके फिर आदि आप वापस राशि को गोद में उठा लो।
राशि चिल्लाते हुए- क्या...? बिल्कुल भी नहीं!!
तो फिर आप यहीं रहो।मै हम दोनों का खाना लेकर आती हूं मैं और पानी का बाउल उठाते हुए- आदि आप निचे चलोगे या राशि को कंपनी दोगे?
राशि साइड में पड़ी मैगजीन उठाकर चेहरे के सामने रखते हुए- I love my own company...।
Okay as u wish...चलिए आदि कहकर वो आगे बढ़ गई। अद्वैत मुडकर राशि को एक नजर देखा और फिर गेट बंद करके वहां से श्रुति के पिछे चला गया।
बाहर कॉरिडोर में श्रुति आदि से बोली- आदि दादी मां कहां हैं?
अद्वैत-दादी मां ऑस्ट्रेलिया गई है।
श्रुति हैरानी से- दादी मां और ऑस्ट्रेलिया? दादी मां फाइनली अब दूसरे देशों को पसंद करने लगी हैं। अच्छा हैं कहकर वो मुस्कुराई।
अद्वैत- दादी मां वहां भाई को वापस लाने गई है।
श्रुति थोड़ा रूककर - ओह..तो क्या कहा आपके भाई ने....?
अद्वैत- कहना क्या था? वहीं जो उम्मीद थी...वो वापस आना नहीं चाहते... दादी ने कहा है कि उन्होंने कहा है दो दिन भाई ने उन्हें रूकने के लिए कहा है ।
श्रुति मुस्कुराई और बोली- लगता है तुम्हारे भाई को विदेश और वहां के लोगो से कुछ ज्यादा ही प्यार और अटैच मेंट हो गया है।
अद्वैत भी हल्की सी मुस्कान देकर चुप रहा। दोनों साथ में सिढियां उतरते हुए निचे आए और हॉल में सबके साथ बैठ गए।
निचे भी सेम अद्वैत के भाई और दादी का टॉपिक चल रहा था। जिसे सुनकर श्रुति उठी और किचन में जाकर अपना और राशि का खाना निकाल कर ऊपर चली गई।
तो आगे आप सब कंफ्यूज ना हो तो कपूर फैमिली का और मलिक फैमिली का इंट्रोडक्शन दे देती हुं।
कपूर फैमिली,
फैमिली हेड- मिसेज सरस्वती कपूर, इनके पति का नाम मिस्टर नरेन कपूर जिनकी मृत्यु एक हादसे में दो गई थी।ये बहुत ही प्यारी और चंचल हैं। वैसे उनकी ये चंचलता सिर्फ अपनी बड़ी बेटी के लिए है। इनके तीन बच्चे हैं।
सबसे बड़ा- आर्यन कपूर जिनसे आगे मिलेंगे। दिखने में बेहद हैंडसम और अट्रैक्टिव हैं, गोरा रंग,अच्छी फिजिक, काले बाल,काली आंखें। सि.इ.ओ ऑफ कपूर टेक्सटाइल।
दो जुड़वां लड़कियां- श्रुति और राशि जो दिखने में बिल्कुल परी की तरह हैं। मगर राशि थोड़ी चब्बी और क्यूट है तो वहीं श्रुति बिल्कुल पतली- दुबली। जहां राशि शांत है तो वहीं श्रुति उधम मचाने वाली,पंगे लेने वाली। जहां राशि को लंबे बाल पसंद है वहीं श्रुति को छोटे। दोनों की सोच तो जैसे इस्ट और वेस्ट हैं । दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करती हैं इतना की अपनी सबसे प्यारी चीज भी सामने वाले को देने से एक पल भी नहीं सोचेंगी। और हां हमारी श्रुति किसी से नहीं डरती वैसे डरती तो राशि भी नहीं है मगर वो थोड़ी सहनशील है इसलिए कुछ लोगों को उसे लेके गलतफहमी हो जाती है।
बाकी की बातें आगे के लिए... वरना मेरा सारा सस्पेंस बेकार हो जाएगी।
(दोनों एग्जैक्ट ली सेम नहीं है मगर मोस्ली सेम दिखते हैं। इन्हें पहचानने के लिए सबसे सही तरीका है इनकी आंखों का कलर देखना।)
मालिक फैमिली,
मिसेज दिव्या मलिक- मलिक कॉपरेशन के चेयरमैन और एक उम्दा बिजनेस वूमन।
मिस्टर हर्षवर्धन मलिक- एक हंसमुख स्वभाव के व्यक्ति हैं। इन्हें देखकर कोई भी नहीं कहेगा की इनके इतने बड़े -बडे बच्चे हैं।
मिसेज सुधा मलिक - मलिक खानदान की बड़ी बहु। ये थोड़ी स्ट्रीकट और गुस्से वाली हैं। मगर अपने दोनों बच्चों से बहुत प्यार करती हैं। इनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा ईशान मलिक और छोटा बेटा अद्वैत मलिक। ईशान का इंट्रो तो हो चुका है तो हम अद्वैत की बात करते हैं।
अद्वैत मलिक- बैंगलोर के एक फेमस लौयर... स्वभाव से बिल्कुल शांत। देखने में काफी हैंडसम हैं ,सार्प जॉ लाइन, लंबी हाइट और इनका एटिट्यूड जो कुछ खास लोगों के लिए है।😉